शेयर बाजार में तेजी, लेकिन विदेशी निवेशकों की निकासी जारी: जनवरी 2026 के शुरुआती दिनों की तस्वीर
सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के बीच भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली की खबर आई। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 के शुरुआती दो कारोबारी दिनों में एफपीआई ने हजारों करोड़ रुपये निकाले।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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बाजार ऊपर, पर एफपीआई का रुख अलग
जनवरी 2026 की शुरुआत में शेयर बाजार में मजबूती के संकेत दिखे, लेकिन उसी समय विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी की खबर ने निवेशकों का ध्यान खींचा। रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के शुरुआती सिर्फ दो कारोबारी दिनों में एफपीआई ने भारतीय बाजारों से 7,608 करोड़ रुपये की बिकवाली की।

यह ट्रेंड इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि आम तौर पर इंडेक्स में तेजी के दौर में विदेशी निवेश का प्रवाह बाजार की धारणा को और मजबूत करता है। लेकिन जब तेजी के साथ-साथ विदेशी निकासी बने रहे, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि वैश्विक निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क हैं या वे किसी अन्य एसेट क्लास/मार्केट में बेहतर अवसर देख रहे हैं।
ऐसे माहौल में घरेलू संस्थागत निवेश (DII), खुदरा निवेशकों का व्यवहार, कॉरपोरेट आय (earnings), ब्याज दरों की दिशा और वैश्विक संकेत—सभी फैक्टर बाजार की दिशा तय करते हैं।
निवेशकों के लिए सीख यही है कि केवल इंडेक्स की तेजी देखकर निष्कर्ष निकालना पर्याप्त नहीं होता। बाजार के भीतर पैसा कहां से आ रहा है, कहां जा रहा है, सेक्टर-वार रोटेशन कैसा है और तरलता (liquidity) का स्रोत क्या है—इन संकेतों को साथ में पढ़ना जरूरी है।
नजर किन चीजों पर रहे?
- एफपीआई फ्लो: निकासी थमती है या बढ़ती है
- घरेलू संस्थागत खरीद: क्या DII दबाव को संतुलित कर रहे हैं
- वैश्विक संकेत: डॉलर, बॉन्ड यील्ड, कच्चा तेल
- कमाई के नतीजे: इंडेक्स हैवीवेट कंपनियों की गाइडेंस
आने वाले कारोबारी सत्रों में यह देखना अहम होगा कि तेज़ी टिकाऊ है या यह केवल शॉर्ट-कवरिंग/टेक्निकल मूवमेंट का हिस्सा थी।