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शेयर बाजार में तेज गिरावट: सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में, निवेशकों के 7 लाख करोड़ स्वाहा; अडानी शेयरों में भारी टूट

शेयर बाजार में एक सत्र में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर धारणा के कारण सेंसेक्स-निफ्टी सहित कई इंडेक्स लाल निशान में रहे, जिससे निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

शेयर बाजार में एक कारोबारी सत्र के दौरान जोरदार गिरावट देखी गई, जिससे निवेशकों की संपत्ति पर बड़ा असर पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स-निफ्टी समेत व्यापक बाजार दबाव में रहा और कुल मिलाकर निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान बताया गया। कुछ प्रमुख समूहों के शेयरों में भी तेज टूट देखी गई, जिनमें अडानी समूह के स्टॉक्स में बड़ी गिरावट का जिक्र किया गया है। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/business/news/story/stock-market-sensex-nifty-crash-adani-stocks-13-percent-fall-tutd-dskc-2446892-2026-01-23?utm_source=openai))

शेयर बाजार में तेज गिरावट: सेंसेक्स-निफ्टी दबाव में, निवेशकों के 7 लाख करोड़ स्वाहा; अडानी शेयरों में भारी टूट
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गिरावट के पीछे कौन से संकेत

रिपोर्ट में बाजार के दबाव के प्रमुख कारणों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की शुद्ध बिकवाली को प्रमुख माना गया है। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी से कुछ हद तक सहारा मिला, लेकिन समग्र धारणा कमजोर बनी रही। विश्लेषकों के अनुसार भू-राजनीतिक तनाव और नतीजों (earnings) का अपेक्षा के अनुरूप न होना भी जोखिम भावना बढ़ा सकता है। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/business/news/story/stock-market-sensex-nifty-crash-adani-stocks-13-percent-fall-tutd-dskc-2446892-2026-01-23?utm_source=openai))

निवेशकों के लिए इसका मतलब

तेज गिरावट के ऐसे चरणों में आम निवेशकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भावनात्मक फैसलों से बचना होता है। बाजार जब एक साथ कई कारणों से दबाव में आता है—विदेशी बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता, सेक्टोरल दबाव—तो उतार-चढ़ाव बढ़ता है और स्टॉप-लॉस ट्रिगर होने से गिरावट और तेज दिख सकती है। ([aajtak.in](https://www.aajtak.in/business/news/story/stock-market-sensex-nifty-crash-adani-stocks-13-percent-fall-tutd-dskc-2446892-2026-01-23?utm_source=openai))

क्या करें: जोखिम प्रबंधन की चेकलिस्ट

  • पोर्टफोलियो का रिव्यू करें: एक सेक्टर/एक समूह में अत्यधिक एकाग्रता घटाएं।
  • लिक्विडिटी रखें: आपात जरूरतों के लिए कैश बफर बनाए रखें।
  • SIP/लंबी अवधि लक्ष्य पर टिके रहें, लेकिन जोखिम प्रोफाइल के अनुसार एसेट एलोकेशन संतुलित करें।
  • उच्च उतार-चढ़ाव वाले शेयरों में पोजिशन साइजिंग और स्टॉप-लॉस की रणनीति स्पष्ट रखें।
  • यदि अनिश्चित हों तो योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा पर वैश्विक संकेत, विदेशी फंड फ्लो और कंपनियों के नतीजों से जुड़ी खबरें प्रभाव डाल सकती हैं। ऐसी स्थितियों में अनुशासन और जोखिम प्रबंधन सबसे बड़ा बचाव है।

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स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

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