सोने ने $5000 का स्तर पार किया: अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड उछाल, चांदी भी तेज
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई। रिपोर्ट के अनुसार एशियाई कारोबार में हाजिर सोना 5,071.96 डॉलर तक पहुंचा और कुछ देर में 5,085.50 डॉलर का स्तर भी देखा गया; चांदी में भी जोरदार तेजी दर्ज हुई।
- रिपोर्ट
- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
- प्रकाशित
- अपडेट
रिकॉर्ड क्या बना
सोमवार, 26 जनवरी 2026 को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों ने इतिहास में पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार किया। रिपोर्ट के मुताबिक एशियाई कारोबार की शुरुआत में हाजिर सोना 1.79% उछलकर 5,071.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा और कारोबार आगे बढ़ने पर यह 5,085.50 डॉलर प्रति औंस के हाई तक भी गया।

खबर में यह भी बताया गया कि अमेरिकी बाजार में फरवरी डिलीवरी के लिए सोने के वायदा भाव में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई और कीमत करीब 5,068.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंची। रिकॉर्ड रैली के साथ चांदी में भी तेज उछाल देखने को मिला, जिससे कीमती धातुओं के बाजार में हलचल बढ़ गई।
क्यों बढ़ रहा है सोना
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक तनाव और अनिश्चितता के माहौल में निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकते हैं, और सोना पारंपरिक रूप से ‘सेफ-हेवन’ माना जाता है। इसी वजह से हाल के महीनों में इसमें रिकॉर्ड-तोड़ तेजी बनी हुई है। खबर में कहा गया कि 2025 में तेज बढ़त के बाद 2026 की शुरुआत में भी सोने की रफ्तार कम नहीं हुई।
इस उछाल का असर उपभोक्ताओं और निवेशकों दोनों पर पड़ सकता है। उपभोक्ताओं के लिए आभूषण खरीद महंगी होती है, जबकि निवेशकों के लिए कीमतों की तेजी नए अवसर और जोखिम दोनों लेकर आती है। बाजार में तेजी आने पर कई लोग मुनाफा बुक करते हैं, वहीं कुछ निवेशक आगे और उछाल की उम्मीद में बने रहते हैं—इससे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
आगे किन बातों पर नजर
आने वाले दिनों में निवेशक यह देखेंगे कि वैश्विक तनाव, डॉलर की चाल, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और मांग-आपूर्ति जैसे कारक कीमतों को किस दिशा में ले जाते हैं। अगर अनिश्चितता बनी रहती है तो तेजी का रुझान जारी रह सकता है, लेकिन बड़े स्तर पर मुनाफावसूली या नीतिगत बदलाव से कीमतें तेज़ी से पलट भी सकती हैं।