रूसी तेल घटने के बाद रिलायंस की नजर वेनेजुएला पर; अमेरिका से मंजूरी की कोशिश
DW/Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज रूसी तेल की आपूर्ति घटने के बाद वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी सरकार से अनुमति हासिल करने की कोशिश कर रही है।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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भारत की सबसे बड़ी रिफाइनिंग कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति रणनीति एक बार फिर बदलती दिख रही है। DW की रिपोर्ट (Reuters के हवाले से) के मुताबिक, पश्चिमी दबाव और आपूर्ति स्थितियों के बीच रूस से आयात घटने के बाद रिलायंस वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने की संभावना टटोल रही है, लेकिन इसके लिए उसे अमेरिकी सरकार की मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है।

अमेरिकी मंजूरी क्यों अहम है?
वेनेजुएला के तेल क्षेत्र पर लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंध और लाइसेंस संबंधी नियम प्रभावी रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार रिलायंस के प्रतिनिधि अमेरिका के विदेश और वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि वेनेजुएला से खरीद को लेकर स्पष्ट अनुमति/छूट मिल सके। यही प्रक्रिया तय करेगी कि भारतीय रिफाइनर वेनेजुएला के कच्चे तेल को किस रूप में और किन शर्तों पर हासिल कर पाएंगे।
रूसी तेल में कटौती की पृष्ठभूमि
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस रूसी तेल का एक बड़ा भारतीय खरीदार रहा है। लेकिन कंपनी ने यह भी संकेत दिया कि इस महीने उसे रूसी कच्चे तेल का कोई कार्गो नहीं मिलेगा, क्योंकि भारत पर रूसी तेल आयात कम/बंद करने का दबाव बढ़ा है। ऐसे में वैकल्पिक स्रोतों की तलाश स्वाभाविक है—और वेनेजुएला, भारी ग्रेड क्रूड की उपलब्धता के कारण, फिर से सूची में आ रहा है।
वेनेजुएला: पुराने संबंध, नई जटिलताएं
DW/Reuters के मुताबिक रिलायंस और वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA का रिश्ता पहले भी रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले भारत, वेनेजुएला के कच्चे तेल के लिए अहम बाजारों में गिना जाता था। अब हालात बदल चुके हैं—भू-राजनीति, प्रतिबंध और लाइसेंसिंग की शर्तें तेल व्यापार को सीधे प्रभावित कर रही हैं।
आगे की तस्वीर
यदि अमेरिकी मंजूरी मिलती है, तो रिलायंस के लिए वेनेजुएला आपूर्ति विविधीकरण का बड़ा विकल्प बन सकता है—खासकर तब जब वैश्विक तेल बाजार में राजनीतिक जोखिम बढ़ रहे हों। वहीं, मंजूरी न मिलने पर कंपनी को मध्य-पूर्व, अफ्रीका या अन्य लैटिन अमेरिकी स्रोतों से ग्रेड-संगत क्रूड जुटाने की रणनीति पर और तेजी से काम करना पड़ सकता है।