सर्दियों में फ्लू सीजन: सरकार ने कहा—इन्फ्लुएंजा में ‘असामान्य उछाल’ नहीं, लेकिन बचाव और निगरानी जरूरी
सांस संबंधी बीमारियों की निगरानी के बीच सरकार ने कहा कि देश में इन्फ्लुएंजा में कोई असामान्य उछाल नहीं दिख रहा और सिस्टम स्पाइक्स को संभालने के लिए तैयार है। जनवरी‑मार्च आम तौर पर विंटर पीक का समय माना जाता है।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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सर्दियों में खांसी‑जुकाम और वायरल बुखार के मामलों के बीच इन्फ्लुएंजा को लेकर सतर्कता बढ़ जाती है। दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा कि देश में इन्फ्लुएंजा का कोई ‘असामान्य उछाल’ नहीं है और स्वास्थ्य तंत्र संभावित स्पाइक्स को संभालने के लिए तैयार है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत में आम तौर पर इन्फ्लुएंजा के दो मौसमी पीक देखे जाते हैं—अगस्त‑अक्टूबर (मानसून पीक) और जनवरी‑मार्च (विंटर पीक)। ([thehansindia.com](https://www.thehansindia.com/news/national/no-unusual-surge-of-influenza-well-prepared-to-handle-spikes-govt-1028017?utm_source=openai))

रिपोर्ट के अनुसार, NCDC और IDSP जैसे निगरानी तंत्रों के अधिकारियों ने बताया कि सर्कुलेट होने वाले स्ट्रेन्स सामान्य मौसमी वैरिएंट्स ही रहे—H3N2 और Influenza B (Victoria) के साथ H1N1 का छोटा अनुपात। यह जानकारी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि स्ट्रेन‑पैटर्न बदलने पर अस्पतालों की तैयारी, टेस्टिंग और इलाज प्रोटोकॉल में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। ([thehansindia.com](https://www.thehansindia.com/news/national/no-unusual-surge-of-influenza-well-prepared-to-handle-spikes-govt-1028017?utm_source=openai))
फ्लू सीजन में जोखिम वाले समूह—बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, छोटे बच्चे, और क्रॉनिक बीमारियों वाले लोग—के लिए सावधानी खास मायने रखती है। सामान्य सार्वजनिक‑स्वास्थ्य सलाह के अनुसार, हाथों की स्वच्छता, भीड़‑भाड़ में मास्क/कफ‑एटीकेट, पर्याप्त आराम और लक्षण होने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क जैसे कदम संक्रमण फैलने से रोकने में मदद करते हैं। ([ndtv.com](https://www.ndtv.com/health/seasonal-flu-cases-surge-across-india-follow-these-precautions-to-stay-safe-7837266?utm_source=openai))
यदि तेज बुखार, सांस फूलना, लगातार खांसी, छाती में दर्द, ऑक्सीजन गिरना, या गंभीर कमजोरी जैसे संकेत दिखें, तो इसे ‘साधारण वायरल’ मानकर नजरअंदाज न करें—खासतौर पर बुजुर्गों/कमजोर इम्युनिटी वालों में। सही समय पर जांच और इलाज जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकता है।
कुल मिलाकर, आधिकारिक बयान से यह संकेत मिलता है कि फिलहाल कोई असामान्य राष्ट्रीय उछाल नहीं दिख रहा, लेकिन जनवरी‑मार्च के विंटर पीक को देखते हुए व्यक्तिगत‑स्तर की सावधानी और हेल्थ‑सर्विलांस दोनों जारी रहने चाहिए।