ट्रंप के नए टैरिफ के बीच चीन की ‘तेल वाली’ रणनीति पर नजर, ईरानी क्रूड पर बढ़ती निर्भरता क्या जोखिम बढ़ाएगी?
डीडब्ल्यू की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीनी रिफाइनर कुछ ग्रेड के क्रूड में प्रति बैरल 8–10 डॉलर तक की बचत के लिए ईरानी तेल की तरफ झुक रहे हैं. सवाल यह है कि ट्रंप प्रशासन के नए टैरिफ और प्रतिबंधों के माहौल में यह ‘डिस्काउंट’ चीन के लिए कितना टिकाऊ है.
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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रविवार, 25 जनवरी 2026 को वैश्विक बाजारों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि ऊर्जा व्यापार अब सिर्फ कीमत और सप्लाई का खेल नहीं रहा. डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के कुछ रिफाइनर ओमान जैसे विकल्पों की तुलना में ईरान से ‘लाइट क्रूड’ खरीदकर प्रति बैरल 8 से 10 डॉलर तक की बचत कर सकते हैं. इस छूट ने ईरानी तेल को लागत के लिहाज से आकर्षक बनाया है, खासकर तब जब कई एशियाई खरीदार महंगे शिपिंग और अनिश्चित प्रीमियम से जूझ रहे हैं.

लेकिन यही सस्ता तेल अब भू-राजनीतिक जोखिम का पैकेज भी बनता जा रहा है. रिपोर्ट में संकेत मिलता है कि अमेरिकी प्रतिबंधों का दायरा 2018 से चला आ रहा है और ट्रंप के दूसरे कार्यकाल (जनवरी 2025 से) में ईरान के तेल व्यापार पर अतिरिक्त दबाव और बढ़ा है. ऐसे में चीन के लिए ‘डिस्काउंट’ का मतलब यह भी है कि लेन-देन, बीमा, शिपिंग और भुगतान चैनल लगातार जांच के दायरे में रह सकते हैं.
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर टैरिफ और प्रतिबंधों का मिश्रित असर बढ़ता है तो रिफाइनरी मार्जिन, सप्लाई शेड्यूल और वैकल्पिक स्रोतों की लागत—तीनों एक साथ बदल सकते हैं. इसका सीधा असर एशिया के स्पॉट मार्केट पर भी पड़ सकता है, जहां किसी भी नए नियम या प्रवर्तन कार्रवाई के बाद प्रीमियम तेजी से उछलते देखे जाते हैं.
वॉशिंगटन के लिए यह मुद्दा केवल ईरान की कमाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संकेत भी है कि एशिया में कौन-सी अर्थव्यवस्थाएं प्रतिबंध-जोखिम लेकर सस्ते बैरल चुन रही हैं. बीजिंग के लिए चुनौती यह है कि वह लागत घटाते हुए सप्लाई सुरक्षा भी बनाए रखे—और साथ ही ‘अचानक’ बदलने वाले नियमों के बीच बैकअप विकल्प तैयार रखे.
आने वाले हफ्तों में बाजार की नजर दो बातों पर रहेगी: पहली, अमेरिकी नीति संकेत कितने सख्त होते हैं; और दूसरी, एशियाई खरीदार शिपमेंट और भुगतान व्यवस्था में कितनी तेजी से बदलाव कर पाते हैं. फिलहाल, चीन के लिए ईरानी क्रूड का डिस्काउंट एक बड़ा आर्थिक लालच है—पर यह सौदा जोखिम के साथ आता है.