77वें गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ की परेड: सैन्य शक्ति, नई इकाइयां और ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ थीम के साथ हुआ आयोजन
26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। कर्तव्य पथ पर परेड के दौरान सैन्य शक्ति और स्वदेशी प्लेटफॉर्म्स का प्रदर्शन हुआ, जबकि आयोजन की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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सोमवार, 26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया और दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य परेड में सैन्य क्षमता के साथ सांस्कृतिक विविधता की झलक दिखाई। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक बग्गी में परेड स्थल पहुंचीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक व अन्य गणमान्य अतिथि समारोह के साक्षी बने।

थीम और परेड का फोकस
इस साल परेड की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ बताई गई। परेड का प्रमुख फोकस स्वदेशी रक्षा क्षमताओं, मिसाइल प्रणालियों और आधुनिक हथियार प्लेटफॉर्म्स पर रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, परेड में ब्रह्मोस और आकाश जैसी प्रणालियों के साथ रॉकेट लॉन्चर ‘सूर्यास्त्र’, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन और स्वदेशी रूप से विकसित कई सैन्य प्लेटफॉर्म्स की मौजूदगी ने ध्यान खींचा।
मुख्य अतिथि और अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी
समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व भी प्रमुख रहा। रिपोर्ट में कहा गया कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन इस वर्ष के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। विदेशी राजनयिकों की मौजूदगी ने आयोजन के वैश्विक संदेश—लोकतंत्र, संविधान और साझेदारी—को और रेखांकित किया।
सुरक्षा, तैयारियां और सार्वजनिक सहभागिता
गणतंत्र दिवस के मद्देनज़र राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पहले से कड़ी की गई थी और परेड के दौरान भी बहु-स्तरीय प्रबंध दिखे। सार्वजनिक स्तर पर भी लोगों में उत्साह दिखा—कई इलाकों में समारोहों, झंडारोहण और देशभक्ति कार्यक्रमों के जरिए नागरिकों ने भागीदारी की।
कुल मिलाकर, 26 जनवरी 2026 का आयोजन परंपरा और आधुनिकता के संगम की तरह रहा—एक ओर संविधान और गणराज्य के गौरव का उत्सव, दूसरी ओर रक्षा तैयारी, तकनीकी क्षमता और स्वदेशीकरण के संदेश को मंच से आगे बढ़ाने की कोशिश।