RJD में तेजस्वी का कद बढ़ा, रोहिणी आचार्य ने किया तीखा हमला: ‘कठपुतली बने शहजादा’
RJD में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर फैसले पर सवाल उठाते हुए तेजस्वी पर हमला बोला।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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पार्टी संगठन के फैसले के बाद बढ़ा तनाव
बिहार की राजनीति में 25 जनवरी 2026 को आरजेडी के अंदरूनी घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के बाद संगठनात्मक मजबूती का संदेश देने की कोशिश दिखी, लेकिन इसके तुरंत बाद परिवार और पार्टी के भीतर असहमति भी सामने आ गई।

रोहिणी आचार्य के पोस्ट ने बढ़ाई सियासी गर्मी
रिपोर्ट के मुताबिक रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया (X) पर तेजस्वी यादव पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने पार्टी में ‘घुसपैठ’ और नेतृत्व के फैसलों को लेकर सवाल उठाए, और यह संदेश दिया कि पार्टी के भीतर जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बयान की भाषा से यह भी संकेत मिला कि आरजेडी के भीतर नेतृत्व, रणनीति और हालिया चुनावी प्रदर्शन पर बहस अभी खत्म नहीं हुई है।
हार के बाद जवाबदेही की बहस
रिपोर्ट में यह भी संदर्भ आया कि विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद से लगातार यह मांग उठ रही है कि हार की वजहों पर स्पष्ट जवाबदेही तय हो। इसी बहस के बीच तेजस्वी की भूमिका और संगठनात्मक फैसलों पर परिवार के भीतर भी प्रतिक्रियाएं आती रही हैं, जो अब सार्वजनिक होती दिख रही हैं।
RJD के लिए क्या मायने?
आरजेडी के लिए यह घटनाक्रम संगठनात्मक स्थिरता और नेतृत्व के संदेश—दोनों को प्रभावित कर सकता है। एक तरफ तेजस्वी का पद बढ़ना पार्टी के ‘केंद्रीकृत नेतृत्व’ की दिशा में कदम माना जा सकता है, वहीं सार्वजनिक मतभेद विपक्षी नैरेटिव और पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर डाल सकते हैं।
आगे की राजनीति
अब नजर इस पर रहेगी कि पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को कैसे मैनेज करता है—क्या यह अंदरूनी संवाद से सुलझेगा या सार्वजनिक बयानबाजी का दौर और तेज होगा। बिहार की राजनीति में गठबंधन, चुनावी रणनीति और नेतृत्व की स्वीकार्यता के लिहाज से यह विवाद आने वाले महीनों में भी चर्चा में रह सकता है।