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भारत-ईयू टेक रोडमैप: सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम और 6G पर फोकस—2030 तक टेक सुपरपावर का प्लान

Navbharat Times की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत और यूरोपीय यूनियन की ‘महाडील’ में सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G जैसी तकनीकों पर साझेदारी को अहम हिस्सा बताया गया है। रिपोर्ट इसे 2030 तक भारत के ‘टेक सुपरपावर’ बनने की दिशा में रोडमैप के रूप में पेश करती है।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई व्यापक समझ के टेक्नोलॉजी हिस्से को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। Navbharat Times की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस ‘महाडील’ का एक बड़ा फोकस उभरती तकनीकों पर संयुक्त कामकाज है, जिसे 2030 तक भारत के टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने वाले रोडमैप की तरह देखा जा रहा है।

भारत-ईयू टेक रोडमैप: सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम और 6G पर फोकस—2030 तक टेक सुपरपावर का प्लान
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किन टेक क्षेत्रों पर साझेदारी का जोर

रिपोर्ट के मुताबिक, डील में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G जैसी तकनीकों पर काम करने पर फोकस बताया गया है। इन क्षेत्रों में सहयोग का मकसद रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग, स्टैंडर्ड्स और सुरक्षित डिजिटल इकोसिस्टम जैसी जरूरतों को तेज करना हो सकता है।

डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स पर असर

Navbharat Times के अनुसार, इस समझौते से डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के अपनाने, साइबर सुरक्षा और ‘स्किल्स एंड मोबिलिटी’ जैसे पहलुओं को भी बल मिलने की बात कही गई है। रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि इससे युवाओं के लिए यूरोप में पढ़ाई, काम और बिजनेस के रास्ते अपेक्षाकृत आसान हो सकते हैं।

टेक पॉलिसी के नजरिये से, सेमीकंडक्टर और 6G जैसी रणनीतिक तकनीकें सप्लाई-चेन सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जुड़ी हैं। इसलिए ऐसे समझौते अक्सर निवेश, मानक-निर्धारण और प्रतिभा विकास—तीनों स्तरों पर असर डालते हैं।

  1. सेमीकंडक्टर: सप्लाई-चेन और निर्माण क्षमता
  2. AI/क्वांटम: रिसर्च व कंप्यूटिंग इकोसिस्टम
  3. 6G: अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी और मानक
अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Navbharat TimesNavbharat Times