भारत ने अफगानिस्तान को 7.5 टन जीवनरक्षक कैंसर दवाइयां भेजीं: MEA के हवाले से रिपोर्ट
विदेश मंत्रालय के हवाले से आई रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने काबुल में 7.5 टन जीवनरक्षक कैंसर दवाइयां पहुंचाईं। यह सहायता अफगानिस्तान में कैंसर मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखकर भेजी गई।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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अफगानिस्तान में कैंसर मरीजों की जरूरतों के लिए भारत ने मानवीय सहायता के तौर पर 7.5 टन जीवनरक्षक कैंसर दवाइयां भेजी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्रालय (MEA) ने जानकारी दी कि यह खेप गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को काबुल में पहुंचाई गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि इस सहायता का उद्देश्य उन मरीजों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाना है जो संसाधनों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव के कारण इलाज में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में दवाओं की नियमित उपलब्धता उपचार की निरंतरता के लिए निर्णायक मानी जाती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संघर्ष और आर्थिक अनिश्चितता वाले क्षेत्रों में कैंसर केयर कई कारणों से प्रभावित होती है—जैसे डायग्नोसिस में देरी, दवाओं का अनियमित सप्लाई-चेन, और उपचार केंद्रों की सीमित क्षमता। ऐसे में, जरूरी दवाओं की खेप का पहुंचना मरीजों और उनके परिवारों के लिए तत्काल राहत का काम कर सकता है।
यह सहायता ऐसे समय में आई है जब कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की प्राथमिकता, अफगानिस्तान में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता बनाए रखने की रही है। भारत की ओर से भेजी गई दवाओं को व्यापक मानवीय सहयोग के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है, खासकर उन मरीजों के लिए जिनके इलाज में देरी सीधे जीवन पर असर डाल सकती है।
रिपोर्ट के मुताबिक, आगे भी जरूरत के आधार पर सहायता भेजे जाने की संभावनाएं बनी रहती हैं। मरीजों के दृष्टिकोण से सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दवाइयों का वितरण सही चैनल के जरिए हो और जरूरतमंदों तक समय पर पहुंचे, ताकि इलाज बाधित न हो।