मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कराष्ट्रीय खबरें

देश की बात, आपके साथ

सार्वजनिक समाचार दस्तावेज़4962A2B3
स्वास्थ्य

AI और mRNA से इलाज की दिशा बदल सकती है: NDTV रिपोर्ट में 2026 को ‘टर्निंग प्वाइंट’ बताया गया

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार 2026 में कैंसर उपचार, mRNA तकनीक, AI-बेस्ड डायग्नोसिस टूल्स और लिक्विड बायोप्सी जैसी तकनीकों के विस्तार की उम्मीद की जा रही है।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित
अपडेट

मेडिकल साइंस में 2026 को एक बड़े बदलाव के साल की तरह देखा जा रहा है—जहां इलाज की दुनिया में नई तकनीकें तेजी से अस्पतालों और मरीजों तक पहुंच सकती हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 को मेडिकल की दुनिया के लिए ‘टर्निंग प्वाइंट’ माना गया है और इसमें कैंसर उपचार, mRNA तकनीक, AI और डिजिटल मेडिसिन, तथा लिक्विड बायोप्सी जैसी दिशाओं पर खास जोर दिया गया है।

AI और mRNA से इलाज की दिशा बदल सकती है: NDTV रिपोर्ट में 2026 को ‘टर्निंग प्वाइंट’ बताया गया
संबंधित चित्र

बीते वर्षों में महामारी और बढ़ती क्रॉनिक बीमारियों ने हेल्थ सिस्टम पर दबाव बढ़ाया, जिससे रिसर्च को कई देशों ने प्राथमिकता दी। इस माहौल में नई दवाओं, नए डायग्नोसिस टूल्स और पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट की मांग तेज हुई। रिपोर्ट इसी व्यापक परिदृश्य में 2026 की संभावनाओं को रेखांकित करती है।

कैंसर उपचार में तेज बदलाव की उम्मीद

रिपोर्ट में कहा गया कि कैंसर उपचार में 2026 में सबसे अधिक उम्मीदें हैं। हाल के वर्षों में CAR-T जैसी सेल थेरेपी और टार्गेटेड ड्रग्स की प्रगति का संदर्भ भी आता है, और यह अनुमान जताया गया कि आगे इनका दायरा बढ़ सकता है। साथ ही KRAS जीन को टार्गेट करने वाली दवाओं जैसी रिसर्च को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

mRNA तकनीक और नई संभावनाएं

रिपोर्ट में mRNA तकनीक का उपयोग कैंसर की पुनरावृत्ति रोकने और कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों में संभावित उपयोग के संदर्भ में उल्लेखित है। mRNA का लाभ यह है कि यह तेजी से विकसित होने वाले प्लेटफॉर्म की तरह काम कर सकता है, जिससे वैक्सीन और थैरेपी डिजाइन की गति बढ़ सकती है।

AI और डिजिटल मेडिसिन का बढ़ता इस्तेमाल

AI-बेस्ड डायग्नोसिस टूल्स, रेडियोलॉजी/पैथोलॉजी सॉफ्टवेयर और ट्रीटमेंट डिसीजन सपोर्ट सिस्टम जैसे क्षेत्रों में तेज बदलाव का जिक्र है। रिपोर्ट के अनुसार 2025-2026 के दौरान AI का इस्तेमाल यह तय करने में मदद कर सकता है कि किस मरीज पर कौन-सी दवा अधिक प्रभावी होगी, जिससे इलाज का दृष्टिकोण अधिक ‘प्रिसिजन’ बन सकता है।

लिक्विड बायोप्सी और बिना सर्जरी जांच

रिपोर्ट में लिक्विड बायोप्सी को 2026 की एक अहम तकनीक बताया गया है, जिसमें खून की जांच से कैंसर की पहचान और निगरानी की संभावना बढ़ती है। कम संसाधनों वाले देशों के लिए यह तकनीक इसलिए भी महत्वपूर्ण हो सकती है क्योंकि यह जटिल प्रक्रियाओं पर निर्भरता घटा सकती है।

कुल मिलाकर, रिपोर्ट का निष्कर्ष यह है कि 2026 ऐसा वर्ष हो सकता है जब रिसर्च लैब्स में तैयार हो रही तकनीकें तेजी से वास्तविक दुनिया में मरीजों की जिंदगी पर असर दिखाना शुरू करें। (यह सामान्य जानकारी है; किसी भी उपचार निर्णय के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह जरूरी है।)

अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. NDTV IndiaNDTV India