इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी के बाद डायरिया के मामले जारी, प्रशासनिक कदमों के बावजूद नए केस सामने
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में पानी दूषित होने से हुई मौतों के लगभग तीन हफ्ते बाद भी डायरिया के नए मामले सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि सप्लाई बंद करने, पाइपलाइन बदलने और टैंकर से पानी देने जैसे कदम उठे, फिर भी पिछले 10 दिनों में दर्जनों नए मामले दर्ज किए गए।
- रिपोर्ट
- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
- प्रकाशित
स्थिति क्या है
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इंदौर के भगीरथपुरा इलाके में पानी दूषित होने की घटना के बाद डायरिया के मामले अभी भी सामने आ रहे हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि घटना में मौतों की सूचना के लगभग तीन हफ्ते बाद भी नए मरीज रिपोर्ट हो रहे हैं, जिससे नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित इलाके में स्थानीय जल-आपूर्ति को सस्पेंड करना, पाइपलाइन बदलना और लगभग 15,000 लोगों के लिए टैंकर के जरिए पानी उपलब्ध कराना जैसे कदम उठाए गए। इसके बावजूद पिछले 10 दिनों में करीब 65 नए डायरिया मामलों का उल्लेख किया गया है।
दूषण की वजह और जांच का संकेत
रिपोर्ट में बताया गया कि 29 दिसंबर 2025 के आसपास डायरिया से जुड़ी अस्पताल भर्तियों को पीने के पानी में सीवेज मिलने से जोड़ा गया। इसमें फीकल कोलीफॉर्म संदूषण का उल्लेख भी है। कथित तौर पर कई बोरवेल और पाइप नेटवर्क की जांच/फ्लशिंग, और कुछ हिस्सों में बोरवेल बंद करने जैसी कार्रवाइयां की गईं।
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार लगातार नए केस आने का कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है और अधिकारी यह समझाने में सफल नहीं रहे कि संक्रमण/बीमारी का प्रसार क्यों जारी है।
स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया
रिपोर्ट में कहा गया कि स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाया और बड़ी संख्या में लोगों तक ORS, जिंक और स्वच्छता संबंधी सलाह पहुंचाई। इस तरह की रणनीति जलजनित बीमारियों में डिहाइड्रेशन और जटिलताओं से बचाव के लिए मानक तौर पर अपनाई जाती है।
नागरिकों के लिए सावधानी (जनहित में)
- पानी को उबालकर/फिल्टर करके ही पीएं, खासकर यदि आप प्रभावित या आसपास के इलाकों में रहते हैं।
- दस्त/उल्टी के लक्षण हों तो ORS तुरंत शुरू करें और डॉक्टर से संपर्क करें, बच्चों और बुजुर्गों में देरी जोखिम बढ़ा सकती है।
- हाथ धोने की आदत (खाने से पहले/टॉयलेट के बाद) और साफ-सफाई संक्रमण रोकने में सबसे प्रभावी कदम है।
- स्थानीय प्रशासन के हेल्पलाइन/कैंप की जानकारी रखें और संदिग्ध पानी/लीकेज की शिकायत दर्ज कराएं।
नोट: यह सामान्य जानकारी है; किसी भी लक्षण या चिकित्सकीय स्थिति में स्थानीय डॉक्टर/स्वास्थ्य केंद्र की सलाह को प्राथमिकता दें।