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स्वास्थ्य

कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच स्वास्थ्य सावधानी: IMD अलर्ट वाले दिनों में क्या ध्यान रखें

25 जनवरी 2026 को कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी और तेज ठंड के संकेतों के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सामान्य सलाह यही रहती है कि हाइपोथर्मिया, सर्दी-खांसी, अस्थमा/एलर्जी ट्रिगर और फिसलन जैसी जोखिम स्थितियों से बचाव किया जाए।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

जब मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी के साथ ठंड, बारिश और तेज हवा जैसी स्थिति बनती है, तो इसका असर केवल यात्रा और दिनचर्या पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। 25 जनवरी 2026 के पूर्वानुमान में कई राज्यों में ठंड बढ़ने, बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना का जिक्र है। ऐसे में स्वास्थ्य के लिहाज से कुछ व्यावहारिक सावधानियां अपनाना जरूरी हो जाता है।

कड़ाके की ठंड और बारिश के बीच स्वास्थ्य सावधानी: IMD अलर्ट वाले दिनों में क्या ध्यान रखें
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ठंड और नमी में बढ़ते सामान्य जोखिम

ठंड बढ़ने पर शरीर की गर्मी तेजी से कम हो सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में। नमी और ठंडी हवा से गला बैठना, खांसी, साइनस, अस्थमा/एलर्जी के लक्षण बढ़ना और जोड़ों के दर्द में वृद्धि जैसी समस्याएं दिख सकती हैं। बारिश के दौरान फिसलन भी चोट का एक बड़ा कारण बनती है।

कब ज्यादा सतर्क रहें

सुबह-शाम के समय तापमान तेजी से गिरता है और हवा ठंड बढ़ाती है। यदि आपके इलाके में बादल, कोहरा, बारिश या तेज हवा की संभावना है, तो बाहर निकलने से पहले परतदार कपड़े, पानी-रोधी जैकेट/छाता और सुरक्षित जूते (नॉन-स्लिप सोल) उपयोगी रहते हैं।

घर पर अपनाने योग्य सरल हेल्थ रूटीन

  • लेयरिंग करें: इनर थर्मल + स्वेटर/फ्लीस + विंड/रेन प्रोटेक्शन।
  • गुनगुना पानी और हल्का पौष्टिक भोजन लें; देर तक खाली पेट न रहें।
  • खांसी/एलर्जी वाले लोग मास्क और इनहेलर/दवा (यदि प्रिस्क्राइब है) साथ रखें।
  • गीले कपड़े तुरंत बदलें; लंबे समय तक नमी में रहने से ठंड जल्दी लगती है।
  • घर में वेंटिलेशन रखें, लेकिन ठंडी हवा का सीधा झोंका बच्चों/बुजुर्गों पर न लगे।
  • फिसलन से बचने के लिए बाथरूम/सीढ़ियों पर एंटी-स्किड मैट रखें।

कब डॉक्टर/इमरजेंसी मदद लें

यदि तेज कंपकंपी, सांस लेने में दिक्कत, छाती में जकड़न, लगातार तेज बुखार, बेहोशी/अत्यधिक सुस्ती, या अस्थमा/सीओपीडी के लक्षण अचानक बढ़ें, तो बिना देर किए चिकित्सकीय सलाह लें। ठंड में हार्ट/रेस्पिरेटरी मरीजों को विशेष सतर्कता की जरूरत होती है।

मौसम का अलर्ट केवल बारिश-बर्फबारी का संकेत नहीं होता—यह आपके शरीर पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव का भी संकेत है। तैयारी और सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

25 जनवरी 2026 जैसे मौसम-अलर्ट वाले दिन खासतौर पर यह ध्यान रखें कि आप स्थानीय चेतावनी/अपडेट के अनुसार कपड़े, यात्रा और दिनचर्या एडजस्ट करें—और किसी भी गंभीर लक्षण को नजरअंदाज न करें।

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स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Navbharat TimesNavbharat Times