दिल्ली की हवा ‘हैज़र्डस’ श्रेणी में: AQI 481, PM2.5 और PM10 स्तर ऊंचे
26 जनवरी 2026 की रात के अपडेट के अनुसार नई दिल्ली का AQI 481 दर्ज किया गया, जो 'हैज़र्डस' श्रेणी में आता है। डेटा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रमुख प्रदूषकों के स्तर ऊंचे बताए गए और स्वास्थ्य सलाह में जोखिम का संकेत दिया गया।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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आज की स्थिति
नई दिल्ली की वायु गुणवत्ता 26 जनवरी 2026 को देर रात तक बेहद खराब स्तर पर दर्ज की गई। प्रकाशित डेटा के अनुसार AQI 481 रहा और एयर क्वालिटी को 'Hazardous' (अत्यंत हानिकारक) श्रेणी में दिखाया गया। इसी अपडेट में PM2.5 और PM10 को मुख्य प्रदूषक बताया गया, जिनके स्तर उच्च रहे।

ऐसे स्तर पर प्रदूषण होने का अर्थ है कि हवा में महीन कण (विशेषकर PM2.5) इतनी अधिक मात्रा में मौजूद हैं कि सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, गले में खराश, खांसी और अस्थमा/सीओपीडी जैसे रोगों वाले लोगों के लिए जोखिम तेजी से बढ़ सकता है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों में प्रभाव अधिक गंभीर हो सकता है।
स्वास्थ्य के लिए क्या संकेत
हैज़र्डस श्रेणी में लंबे समय तक बाहर रहना कई लोगों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। डेटा पेज पर स्वास्थ्य सलाह के तहत रोजाना एक्सपोजर को सिगरेट-समतुल्य जोखिम के रूप में भी प्रस्तुत किया गया, जिससे गंभीरता का अंदाजा मिलता है। हालांकि यह एक अनुमान है, लेकिन यह बताता है कि PM2.5 का लगातार संपर्क शरीर पर भारी पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में सामान्य सलाह यह होती है कि अनावश्यक बाहरी गतिविधि कम की जाए, सुबह-शाम खुले में व्यायाम से बचा जाए, खिड़कियां बंद रखकर घर के भीतर स्वच्छ हवा बनाए रखने की कोशिश की जाए और जिन लोगों को सांस की समस्या है, वे डॉक्टर की बताई दवाएं नियमित रखें। अगर सांस फूलना, सीने में जकड़न या लगातार खांसी बढ़े तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
आगे क्या देखना है
आने वाले दिनों में हवा की दिशा, गति, तापमान और नमी जैसे मौसम कारक AQI को तेजी से बदल सकते हैं। नागरिकों के लिए यह उपयोगी रहेगा कि वे स्थानीय AQI अपडेट, स्कूल/कार्यस्थल की एडवाइजरी और स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर नजर रखें—खासकर जब AQI ‘बहुत खराब’ या ‘गंभीर’ के स्तर से ऊपर निकल जाए।