आईएमडी का अलर्ट: 13 राज्यों में बारिश-तूफान की संभावना, उत्तर भारत में ठंड बढ़ने के संकेत; स्वास्थ्य को लेकर सावधानी की सलाह
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार कई राज्यों में बारिश-तूफान और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि कुछ क्षेत्रों में ठंड/शीतलहर बढ़ सकती है। बदलते मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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मौसम का असर सीधे स्वास्थ्य पर क्यों पड़ता है?
27 जनवरी 2026 को भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए बारिश, तूफान और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की। रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित कई क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत रहे, वहीं उत्तर भारत के कुछ इलाकों में ठंड बढ़ने और शीतलहर जैसी स्थितियों की संभावना भी बताई गई।

ऐसे मौसम बदलाव स्वास्थ्य जोखिम बढ़ाते हैं—खासकर सांस की समस्या (अस्थमा/सीओपीडी), एलर्जी, सर्दी-जुकाम, और हृदय रोग वाले लोगों के लिए। ठंडी हवा और नमी के उतार-चढ़ाव से खांसी, गले में जलन और सांस फूलने जैसी शिकायतें बढ़ सकती हैं। तेज हवाएं धूल और एलर्जन भी हवा में बढ़ा सकती हैं, जिससे आंखों में जलन और श्वसन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
बारिश और तूफानी मौसम में जलभराव और गीले वातावरण के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। फिसलन से चोटें लगने की संभावना रहती है, और यदि बिजली/पानी सप्लाई बाधित हो तो बुजुर्गों व बच्चों की देखभाल में चुनौतियां आ सकती हैं। इसीलिए बदलते मौसम में ‘प्रिवेंशन’ सबसे प्रभावी रणनीति मानी जाती है—समय पर गर्म कपड़े पहनना, भीगने से बचना, और पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना।
- घर से निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट/अलर्ट देखें और अनावश्यक यात्रा टालें।
- बुजुर्ग, बच्चे और सांस/दिल के मरीज ठंडी हवा से बचें; आवश्यकता हो तो मास्क/स्कार्फ का उपयोग करें।
- बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें; गर्म पेय/सूप जैसे विकल्प मदद कर सकते हैं।
- तेज हवा/आंधी में खुले में खड़े रहने से बचें; पेड़ों/हॉर्डिंग्स के पास सावधानी रखें।
- लक्षण बढ़ें (सांस फूलना, तेज बुखार, सीने में जकड़न) तो डॉक्टर से संपर्क करें।
आईएमडी के अलर्ट का उद्देश्य जोखिम घटाना है, इसलिए इसे ‘सिर्फ मौसम की खबर’ नहीं बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य संकेत के रूप में देखना उपयोगी है। अगले कुछ दिनों में जिन क्षेत्रों में तेज हवाएं, बारिश और ठंड का मिश्रित असर रहने की आशंका है, वहां व्यक्तिगत सावधानी और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना खास तौर पर जरूरी रहेगा।