मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कराष्ट्रीय खबरें

देश की बात, आपके साथ

सार्वजनिक समाचार दस्तावेज़6C1BBBFF
खेल

भारतीय फुटबॉल में बड़ा मोड़: संकट के बीच 14 फरवरी से ISL शुरू कराने की कोशिश, खेल मंत्री के फैसले की चर्चा

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय फुटबॉल संकट के बीच खेल मंत्री की पहल के बाद 14 फरवरी 2026 से इंडियन सुपर लीग (ISL) शुरू होने की बात सामने आई।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित
अपडेट

भारतीय फुटबॉल एक लंबे समय से कई स्तरों पर चुनौतियों से जूझता रहा है—प्रशासनिक अनिश्चितता, लीग कैलेंडर, खिलाड़ियों के विकास और राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन तक। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी संकट के बीच इंडियन सुपर लीग (ISL) को 14 फरवरी 2026 से शुरू कराने की दिशा में बड़ा फैसला/पहल सामने आई है, जिसकी चर्चा खेल मंत्रालय के स्तर पर हुई।

भारतीय फुटबॉल में बड़ा मोड़: संकट के बीच 14 फरवरी से ISL शुरू कराने की कोशिश, खेल मंत्री के फैसले की चर्चा
संबंधित चित्र

ISL सिर्फ एक घरेलू लीग नहीं, बल्कि भारतीय फुटबॉल की व्यावसायिक रीढ़ भी बन चुकी है। लीग के शुरू होने या टलने का असर क्लबों, खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, स्पॉन्सरशिप और प्रसारण अधिकारों पर पड़ता है। ऐसे में जब भी सीजन की समय-सीमा और संचालन को लेकर असमंजस होता है, तो पूरे फुटबॉल इकोसिस्टम में अनिश्चितता बढ़ती है।

रिपोर्ट में क्या कहा गया

खबर में बताया गया कि सरकार की मदद/पहल से 14 फरवरी से ISL शुरू होने की बात कही गई। साथ ही यह भी संदर्भ आया कि भारतीय पुरुष और महिला टीम की रैंकिंग और प्रदर्शन को लेकर चिंता बनी हुई है, और फुटबॉल को ‘जान फूंकने’ जैसी जरूरत महसूस की जा रही है।

लीग क्यों जरूरी है

घरेलू लीग किसी भी देश में खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धी मिनट्स देती है, कोचिंग और फिटनेस मानकों में निरंतरता लाती है, और युवा टैलेंट को स्काउटिंग का मंच देती है। ISL के नियमित होने से राष्ट्रीय टीम के लिए खिलाड़ी पूल तैयार करने में भी मदद मिलती है, क्योंकि खिलाड़ियों को उच्च स्तर के मुकाबले घरेलू मैदान पर ही मिल जाते हैं।

आगे की राह

अगर लीग तय तारीख पर शुरू होती है, तो यह क्लबों और खिलाड़ियों के लिए स्थिरता का संकेत होगा। साथ ही, भारतीय फुटबॉल को दीर्घकाल में फायदा तब मिलेगा जब कैलेंडर, ग्रासरूट विकास, अकादमियों, रेफरींग और प्रशासनिक ढांचे पर समानांतर रूप से काम हो।

फिलहाल, 14 फरवरी 2026 की तारीख को लेकर जो संकेत मिले हैं, वे भारतीय फुटबॉल के लिए ‘रिस्टार्ट’ जैसी स्थिति बनाते हैं—जहां मैदान पर खेल के साथ-साथ सिस्टम में भरोसा लौटाने की जरूरत भी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहती है।

अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. NDTV IndiaNDTV India