2026 में ‘एजेंटिक AI’ का असर: स्कूल, अस्पताल और फैक्ट्रियों में बढ़ेगा AI का दखल, काम करने का तरीका बदलेगा
NDTV टेक की रिपोर्ट में बताया गया है कि 2026 में AI का इस्तेमाल सिर्फ चैट या सर्च तक सीमित नहीं रहेगा। ‘एजेंटिक टूल्स’ के जरिए हेल्थकेयर, सरकारी सेवाओं, कॉरपोरेट और इंडस्ट्रियल सेक्टर में ऑटोमेशन और निर्णय-क्षमता वाले सिस्टम तेज़ी से बढ़ सकते हैं।
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2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। NDTV टेक की रिपोर्ट के अनुसार ‘एजेंटिक AI’ और ‘एजेंटिक टूल्स’ ऐसे सिस्टम के रूप में उभर रहे हैं जो केवल जवाब नहीं देते, बल्कि लक्ष्य के हिसाब से कदम-दर-कदम काम भी कर सकते हैं—जैसे जानकारी जुटाना, विकल्पों का विश्लेषण करना, और कुछ हद तक निर्णय-आधारित कार्यप्रवाह चलाना।

स्वास्थ्य क्षेत्र में AI: तेज ट्रायल, बेहतर रिपोर्टिंग
रिपोर्ट में बताया गया है कि हेल्थकेयर में AI को ‘डिजिटल बायोलॉजी’ की दिशा में मजबूत आधार माना जा रहा है। उदाहरण के तौर पर Google DeepMind का AlphaFold पहले ही दिखा चुका है कि AI प्रोटीन स्ट्रक्चर को तेज़ी से समझ सकता है। 2026 में AI क्लीनिकल ट्रायल को तेज करने, एक्स-रे/CT/MRI जैसी इमेजिंग रिपोर्ट को अधिक सटीक बनाने और टेलीमेडिसिन में मरीजों को सही डॉक्टर तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है।
अंतरिक्ष, सरकार और कॉरपोरेट में उपयोग
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक अंतरिक्ष अनुसंधान में AI टेलीस्कोप/वेधशालाओं के संचालन को बेहतर बनाने और रोवर्स/स्पेसक्राफ्ट को अधिक ‘स्वतंत्र’ निर्णय लेने योग्य बनाने में मदद कर सकता है, ताकि धरती से नियंत्रण में होने वाली देरी का असर घटे। साथ ही सरकार और पब्लिक सेक्टर में AI लाभार्थियों की पहचान, डेटा अपडेट और सेवाओं के ऑटोमेशन में इस्तेमाल हो सकता है।
कॉरपोरेट सेक्टर में HR, कस्टमर सर्विस, फाइनेंस और सप्लाई चेन जैसे विभागों में AI का इस्तेमाल अधिक व्यवस्थित तरीके से बढ़ने की संभावना बताई गई है। फैक्ट्रियों और लॉजिस्टिक्स में रोबोटिक्स+AI से लागत घटाने और गति बढ़ाने पर जोर रह सकता है।
रिपोर्ट का संकेत है कि 2026 में सवाल ‘AI क्या कर सकता है’ से बदलकर ‘हम AI के साथ क्या-क्या कर सकते हैं’ की ओर जा सकता है—यानी AI का सामान्यीकरण (normalization) तेज़ होगा।