मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कराष्ट्रीय खबरें

देश की बात, आपके साथ

सार्वजनिक समाचार दस्तावेज़F13B6E3B
तकनीक

Davos 2026: AI की रेस में भारत की स्थिति पर बहस—आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और IBM CEO अरविंद कृष्णा की बात

NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक दावोस में AI को लेकर चर्चा में भारत के आईटी मंत्री और IBM CEO ने कहा कि भारत AI को फॉलो नहीं, लीड करने की दिशा में है और फोकस ‘स्मार्ट’ उपयोग पर है।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

Davos 2026 में AI को लेकर एक बड़ा सवाल चर्चा में रहा—क्या भारत अमेरिका और चीन की तुलना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस में पीछे है? NDTV की रिपोर्ट के अनुसार इस मुद्दे पर भारत के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और IBM के CEO अरविंद कृष्णा ने अपनी बात रखी और यह स्पष्ट किया कि भारत का AI फोकस अलग है और इसे ‘पीछे’ कहकर नहीं देखा जाना चाहिए। चर्चा में यह भी सामने आया कि AI का असली मूल्य केवल सबसे बड़े मॉडल बनाने में नहीं, बल्कि उसे व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप लागू करने में है।

Davos 2026: AI की रेस में भारत की स्थिति पर बहस—आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और IBM CEO अरविंद कृष्णा की बात
संबंधित चित्र

‘बड़े मॉडल’ बनाम ‘असरदार मॉडल’: रणनीति की दिशा

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार अरविंद कृष्णा ने AI के विकास को वैल्यू-शिफ्ट के नजरिए से समझाया—कैसे टेक की वैल्यू समय के साथ हार्डवेयर से सॉफ्टवेयर और फिर एप्लिकेशन की ओर जाती है। इसी फ्रेम में भारत के लिए अवसर यह है कि वह ऐसे AI सॉल्यूशंस बनाए जो उद्योग, सरकार और नागरिक सेवाओं में सीधे असर दिखाएं। कई कंपनियों के लिए यह बहस महत्वपूर्ण है क्योंकि लागत, डेटा-गवर्नेंस और स्केलिंग के सवाल बड़े मॉडलों के साथ और तीखे हो जाते हैं।

Sovereign AI और राष्ट्रीय जरूरतें

रिपोर्ट में आईटी मंत्री की ओर से ‘सॉवरेन AI’ जैसे फोकस का उल्लेख भी है—जिसका मतलब मोटे तौर पर यह है कि AI के महत्वपूर्ण हिस्से (डेटा, मॉडल, और उपयोग) राष्ट्रीय जरूरतों और सुरक्षा/नीति ढांचे के अनुरूप हों। सरकारी उपयोग के मामलों में यह खास महत्व रखता है, क्योंकि संवेदनशील डेटा, नागरिक सेवाएं और रणनीतिक क्षेत्र अलग तरह की जिम्मेदारियां मांगते हैं। ऐसे में भारत की दिशा केवल ग्लोबल मॉडल कॉपी करना नहीं, बल्कि स्थानीय संदर्भ में विश्वसनीय AI बनाना भी हो सकती है।

AI की रेस में ‘लीड’ का मतलब क्या हो सकता है

AI में लीड करना केवल रिसर्च पेपर्स या सबसे बड़े डेटा-सेंटर तक सीमित नहीं है। इसमें स्टार्टअप इकोसिस्टम, इंडस्ट्री एडॉप्शन, सरकारी डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और भरोसेमंद नियम-फ्रेमवर्क भी शामिल हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक बातचीत का संदेश यही था कि भारत की प्रतिस्पर्धा का तरीका अलग है—और आने वाले वर्षों में ‘कम लागत, अधिक असर’ वाले समाधान बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

Davos 2026 की इस चर्चा ने यह संकेत दिया कि AI को लेकर भारत की कहानी ‘पीछे या आगे’ की सरल तुलना से ज्यादा जटिल है—और रणनीति का केंद्र उपयोग, लागत और भरोसेमंद लागूकरण बनता जा रहा है।

अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. NDTVNDTV