मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कराष्ट्रीय खबरें

देश की बात, आपके साथ

सार्वजनिक समाचार दस्तावेज़B90801E1
तकनीक

‘एजेंटिक’ AI टूल्स का दौर: 2026 में स्कूल, अस्पताल और फैक्ट्रियों में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल—रिपोर्ट

एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में AI टूल्स ज्यादा ‘एजेंटिक’ होते जाएंगे—यानी वे सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि कई कामों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। असर शिक्षा, स्वास्थ्य और इंडस्ट्री पर अधिक दिख सकता है।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और अब चर्चा सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं रही। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में ‘एजेंटिक टूल्स’ यानी ऐसे AI सिस्टम जो कामों को अधिक स्वायत्त तरीके से पूरा कर सकें, उनका दखल स्कूलों, अस्पतालों और फैक्ट्रियों जैसे क्षेत्रों में बढ़ने वाला है। यह बदलाव तकनीक के अगले चरण की ओर इशारा करता है, जहां AI का काम केवल सुझाव देना नहीं, बल्कि प्रक्रियाओं को चलाने में सक्रिय भागीदारी भी हो सकती है।

‘एजेंटिक’ AI टूल्स का दौर: 2026 में स्कूल, अस्पताल और फैक्ट्रियों में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल—रिपोर्ट
संबंधित चित्र

एजेंटिक AI क्या संकेत देता है

रिपोर्ट में ‘एजेंटिक’ शब्द का इस्तेमाल ऐसे टूल्स के लिए किया गया है जो कई चरणों वाले कामों को स्वयं योजना बनाकर, प्राथमिकताएं तय करके और टास्क पूरा करके आगे बढ़ा सकते हैं। सामान्य भाषा में कहें तो AI केवल एक ‘टूल’ नहीं, बल्कि कुछ सीमाओं के भीतर एक ‘को-वर्कर’ जैसा व्यवहार कर सकता है—जो निर्देशों को समझकर, अलग-अलग सिस्टम/डेटा के साथ काम करके लक्ष्य तक पहुंचने की कोशिश करे।

शिक्षा: स्कूलों में संभावित उपयोग

शिक्षा में AI का उपयोग व्यक्तिगत सीखने (personalized learning) से लेकर कंटेंट तैयार करने, आकलन (assessment) और प्रशासनिक कामों तक फैल सकता है। 2026 में अगर एजेंटिक AI टूल्स अधिक परिपक्व होते हैं, तो स्कूलों में वे रूटीन काम—जैसे शेड्यूलिंग, होमवर्क ट्रैकिंग, या छात्र-प्रगति रिपोर्ट बनाना—में मदद कर सकते हैं। इसके साथ डेटा गोपनीयता और बच्चों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर मजबूत नीतियों की जरूरत भी बढ़ेगी।

स्वास्थ्य: अस्पतालों में AI की भूमिका

स्वास्थ्य क्षेत्र में AI पहले से डायग्नोसिस सपोर्ट, रिकॉर्ड मैनेजमेंट और मरीज-ट्रायेज जैसे कार्यों में दिख रहा है। एजेंटिक टूल्स के बढ़ने पर अस्पतालों में वर्कफ्लो ऑटोमेशन, रिपोर्टिंग और सहायक निर्णय प्रणाली का प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि, यह भी उतना ही जरूरी है कि AI का इस्तेमाल डॉक्टरों की जगह लेने के बजाय उनकी क्षमता बढ़ाने के रूप में हो, और किसी भी निर्णय में जवाबदेही स्पष्ट रहे।

उद्योग: फैक्ट्रियों में ऑटोमेशन और गुणवत्ता नियंत्रण

फैक्ट्रियों में AI का इस्तेमाल उत्पादन योजना, मशीन मेंटेनेंस, दोष पहचान (defect detection) और सप्लाई-चेन ऑप्टिमाइजेशन जैसे कामों में हो सकता है। 2026 में एजेंटिक टूल्स के विस्तार का मतलब यह भी हो सकता है कि AI सिस्टम अधिक स्वायत्त तरीके से अलर्ट, निर्णय-सहायता और ऑपरेशन-मैनेजमेंट में सहयोग करें। इससे उत्पादकता बढ़ सकती है, लेकिन जॉब-रीस्किलिंग और साइबर सुरक्षा की चुनौती भी साथ आएगी।

बढ़ते उपयोग के साथ किन जोखिमों पर ध्यान जरूरी

  • डेटा गोपनीयता: शिक्षा और स्वास्थ्य में संवेदनशील डेटा का सुरक्षित उपयोग
  • साइबर सुरक्षा: AI-संचालित प्रणालियों पर हमलों का जोखिम
  • जवाबदेही: गलत निर्णय/आउटपुट की जिम्मेदारी किसकी होगी
  • री-स्किलिंग: कर्मचारियों को नए टूल्स के साथ काम करने के लिए प्रशिक्षण

कुल मिलाकर, 2026 में AI का अगला चरण ‘अधिक स्वायत्त’ और ‘अधिक व्यावहारिक’ रूप में सामने आने की संभावना बताई जा रही है। यह बदलाव अवसर भी है और चुनौती भी—जहां लाभ उठाने के लिए नीति, सुरक्षा और कौशल विकास को साथ-साथ चलाना होगा।

अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. NDTV India (Hindi)NDTV India (Hindi)