गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में AI-आधारित निगरानी: 30,000+ कर्मी तैनात, 3,000+ CCTV से हाई अलर्ट
गणतंत्र दिवस 2026 के लिए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था सख्त की गई। रिपोर्ट के अनुसार 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं, 3,000 से ज्यादा CCTV कैमरों से निगरानी हो रही है और AI की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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क्या व्यवस्था की गई
26 जनवरी 2026 को 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनज़र दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर कड़ा किया गया। रिपोर्ट के अनुसार राजधानी को 'छावनी' की तरह तैयार किया गया, जिसमें 30,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। मुख्य इलाकों, भीड़-भाड़ वाले मार्गों और कार्यक्रम स्थल के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

खबर में कहा गया कि 3,000 से ज्यादा CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) की मदद से मॉनिटरिंग को अधिक सटीक बनाया गया है। उद्देश्य यह है कि किसी भी संदिग्ध हरकत, असामान्य भीड़-प्रवाह या सुरक्षा जोखिम के संकेत को जल्दी पहचाना जा सके और तुरंत कार्रवाई की जा सके।
AI की भूमिका क्या बताई गई
रिपोर्ट के मुताबिक AI-आधारित निगरानी सिस्टम के जरिए कैमरा फीड पर लगातार एनालिसिस कर संदिग्ध पैटर्न की पहचान की जा सकती है। बड़े आयोजनों में इसका उपयोग इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि मानव निगरानी में कई बार सूक्ष्म संकेत छूट जाते हैं या प्रतिक्रिया समय बढ़ जाता है। AI का मकसद निर्णय लेना नहीं, बल्कि सुरक्षा टीमें जिस सूचना पर कार्रवाई करती हैं, उसे तेज और बेहतर बनाना है।
हालांकि, ऐसी तकनीक के साथ डेटा सुरक्षा, गोपनीयता और गलत पहचान जैसी चिंताएं भी उठती हैं। बड़े आयोजनों में सुरक्षा प्राथमिकता होती है, लेकिन प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होता है कि निगरानी नियमों और तय प्रक्रियाओं के भीतर रहे तथा डेटा का उपयोग सीमित और उद्देश्य-आधारित हो।
लोगों के लिए क्या मतलब
आम लोगों के लिए इसका अर्थ है कि कार्यक्रम के दिन ट्रैफिक डायवर्जन, प्रवेश जांच, पहचान सत्यापन और कुछ क्षेत्रों में अतिरिक्त प्रतिबंध संभव हैं। सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरे को कम करने के लिए परतदार सुरक्षा अपनाती हैं—जिसमें पैदल गश्त, स्नाइपर टीमों की तैनाती और रियल-टाइम कंट्रोल रूम मॉनिटरिंग शामिल हो सकती है।