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गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ में पहली बार रोबोटिक डॉग्स और AI प्लेटफॉर्म्स की झलक, सेना ने दिखाए UGV और ड्रोन सिस्टम

77वें गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना ने पहली बार रोबोटिक डॉग्स, AI-आधारित स्वायत्त वाहन और ड्रोन तकनीक की झलक दिखाई। रिपोर्ट के मुताबिक यह प्रदर्शन आधुनिक युद्धक्षेत्र की जरूरतों और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं की ओर संकेत करता है।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी 2026 को आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस परेड में तकनीक का प्रदर्शन इस बार खास आकर्षण रहा। रिपोर्ट के अनुसार पहली बार भारतीय सेना ने रोबोटिक डॉग्स, AI-आधारित स्वायत्त वाहन (UGV) और स्वार्म ड्रोन जैसी उन्नत प्रणालियों की झलक पेश की। इस प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और ऑटोनॉमी (autonomy) तेजी से मुख्यधारा में आ रहे हैं।

गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ में पहली बार रोबोटिक डॉग्स और AI प्लेटफॉर्म्स की झलक, सेना ने दिखाए UGV और ड्रोन सिस्टम
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रोबोटिक डॉग्स को गश्त, निगरानी और सुरक्षा परिदृश्यों में उपयोगी दिखाया गया। ऐसे प्लेटफॉर्म सीमावर्ती इलाकों, भीड़भाड़ वाले आयोजनों, या जोखिम वाले क्षेत्रों में मानव बल को सपोर्ट कर सकते हैं। वहीं UGV और ड्रोन तकनीक का प्रदर्शन इस बात की ओर इशारा करता है कि सेना अब रियल-टाइम सर्विलांस, त्वरित प्रतिक्रिया और जोखिम कम करने वाली प्रणालियों में निवेश बढ़ा रही है।

रिपोर्ट में जिन प्लेटफॉर्म्स का जिक्र हुआ, वे ऐसे सिस्टम्स की श्रेणी में आते हैं जो सीमित या बिना मानवीय हस्तक्षेप के काम कर सकते हैं। आधुनिक युद्धक्षेत्र में यह क्षमता इसलिए अहम मानी जाती है क्योंकि इससे सैनिकों की जान का जोखिम घटता है और ऑपरेशन की गति बढ़ती है। ड्रोन-स्वार्म जैसी अवधारणाएं निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लक्षित कार्रवाई जैसे परिदृश्यों में निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं।

टेक्नोलॉजी शोकेस का एक बड़ा संदेश ‘आत्मनिर्भर’ रक्षा नवाचार का भी रहा। परेड का मंच सार्वजनिक तौर पर यह बताने का अवसर देता है कि सेना किन क्षमताओं को प्राथमिकता दे रही है और उद्योग/शोध संस्थानों के लिए किस तरह के उत्पाद विकसित करने की दिशा स्पष्ट हो रही है।

कुल मिलाकर, 26 जनवरी 2026 की परेड में AI और रोबोटिक्स की मौजूदगी केवल प्रदर्शन नहीं रही, बल्कि यह संकेत भी रही कि भारत की सुरक्षा रणनीति में डेटा, सेंसर, स्वायत्त प्लेटफॉर्म्स और नेटवर्क्ड सिस्टम्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में ऐसे सिस्टम्स का फील्ड-इंटीग्रेशन, प्रशिक्षण और ऑपरेशनल डॉक्ट्रिन इस बदलाव की वास्तविक परीक्षा होंगे।

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स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Navbharat TimesNavbharat Times