कर्नाटक ने बेंगलुरु में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को मंजूरी दी, NASSCOM के साथ ‘CATS’ के जरिए स्टार्टअप्स को सपोर्ट
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में एक AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को मंजूरी दी है। NASSCOM के साथ ‘Centre for Applied AI for Tech Solutions (CATS)’ नाम से बनने वाली इस पहल में करीब 20 करोड़ रुपये का चार साल का आउटले बताया गया है और इसका फोकस AI अपनाने, डीपटेक नवाचार और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर रहेगा।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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कर्नाटक सरकार ने बेंगलुरु में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने को मंजूरी दी है। रिपोर्ट के अनुसार यह केंद्र ‘Centre for Applied AI for Tech Solutions (CATS)’ के नाम से विकसित किया जाएगा और इसे NASSCOM के साथ साझेदारी में आगे बढ़ाया जाएगा। लक्ष्य है कि राज्य में AI का उपयोग तेजी से बढ़े, डीपटेक इनोवेशन को बढ़ावा मिले और विभिन्न सेक्टरों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को गति मिले।

रिपोर्ट में परियोजना का आकार भी बताया गया है: लगभग 20 करोड़ रुपये का चार साल का आउटले। फंडिंग के ढांचे में केंद्र के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) और राज्य सरकार की प्रमुख हिस्सेदारी बताई गई, जबकि उद्योग भागीदार भी एक हिस्सा योगदान कर सकते हैं।
CATS का फोकस और संभावित असर
- स्टार्टअप्स, MSMEs, रिसर्च संस्थानों और अकादमिक इकोसिस्टम को सपोर्ट
- AI, रोबोटिक्स/ऑटोमेशन, सप्लाई-चेन ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर प्राथमिकता
- लैब्स, टेस्टिंग सुविधाएं, प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट और टेक्नोलॉजी कमर्शियलाइजेशन पर काम
रिपोर्ट के मुताबिक अगले चार वर्षों में यह केंद्र एडवांस्ड लैब्स और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने, डीपटेक स्टार्टअप्स को मेंटरशिप/संसाधन देने और इंडस्ट्री के साथ सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करेगा। इससे बेंगलुरु को ‘एप्लाइड AI’ और इंडस्ट्री 4.0 टेक्नोलॉजीज़ के लिए और मजबूत हब के रूप में पेश करने की रणनीति झलकती है।
राज्य सरकार के स्तर पर ऐसी संस्थागत पहलें आमतौर पर दो लक्ष्यों को साधती हैं: एक तरफ कौशल और रिसर्च पाइपलाइन तैयार करना, दूसरी तरफ कंपनियों के लिए पायलट-टू-प्रोडक्शन रास्ता आसान बनाना। यदि केंद्र उद्योग की वास्तविक समस्याओं के हिसाब से प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता देता है, तो इससे अपनाने की गति बढ़ सकती है।
कुल मिलाकर, यह घोषणा संकेत देती है कि कर्नाटक 2026 में AI को नीति, निवेश और इकोसिस्टम सपोर्ट—तीनों स्तरों पर आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ताकि राज्य की टेक अर्थव्यवस्था में नए उपयोग-मामलों और उत्पादों का निर्माण तेज हो सके।