भारत पर 25% टैरिफ हटाने के संकेत? अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का बयान
अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को लेकर कहा कि यह अमेरिका के लिए “काफी सफल” रहा है और आगे चलकर इसे हटाने का रास्ता निकल सकता है।
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- राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
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टैरिफ पर नई हलचल
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में 25% टैरिफ एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। 24 जनवरी 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने संकेत दिए कि भारत पर लागू यह 25% टैरिफ भविष्य में हटाया भी जा सकता है। उनके बयान को इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि यह सीधे उस नीति से जुड़ा है, जिसका असर भारत के निर्यात और ऊर्जा-व्यापार पर पड़ता है।

बेसेंट ने क्या कहा?
रिपोर्ट के अनुसार बेसेंट ने दावा किया कि यह टैरिफ अमेरिका के लिए प्रभावी रहा है और इसके बाद भारत द्वारा रूस से तेल खरीद में कमी आई है। साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका इसे स्थायी व्यवस्था के तौर पर नहीं देखता और आगे चलकर राहत की संभावना बन सकती है।
रूसी तेल, प्राइस-कैप और पश्चिमी दबाव
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूसी तेल को लेकर लगातार प्रतिबंध और प्राइस-कैप जैसे उपाय चर्चा में हैं। इसी संदर्भ में टैरिफ और ‘पेनल्टी’ व्यवस्था को भारत की ऊर्जा-रणनीति से जोड़कर देखा जाता है। पश्चिमी देशों का तर्क यह रहा है कि रूसी तेल व्यापार से युद्धकालीन वित्तपोषण को मदद मिल सकती है, जबकि भारत अक्सर अपनी ऊर्जा जरूरतों को राष्ट्रीय हित और किफायती दामों के हिसाब से तय करने की बात करता रहा है।
भारत के लिए क्या दांव पर है?
यदि 25% टैरिफ हटता है तो इसका असर भारत के निर्यातकों के लिए राहत के रूप में देखा जा सकता है। वहीं, अगर नीति बनी रहती है तो कुछ सेक्टरों पर लागत और प्रतिस्पर्धा का दबाव बना रह सकता है। बाज़ार और उद्योग जगत की नजर अब इस बात पर है कि बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या कोई ठोस समय-सीमा निकलती है।
आगे क्या?
फिलहाल यह संकेत ‘नीति बदलाव की संभावना’ भर हैं। वास्तविक बदलाव के लिए औपचारिक वार्ता, नोटिफिकेशन और शर्तों की स्पष्टता जरूरी होगी। अगले कुछ हफ्तों में व्यापार वार्ताओं और ऊर्जा-नीति से जुड़े संकेतकों पर कड़ी नजर रहने की संभावना है।