मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कराष्ट्रीय खबरें

देश की बात, आपके साथ

सार्वजनिक समाचार दस्तावेज़125FFCDB
दुनिया

उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की चीन यात्रा से पहले बढ़ा तनाव

उत्तर कोरिया ने 4 जनवरी 2026 को बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। यह लॉन्च उस समय हुआ जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कारोबारी और टेक प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन पहुंचे। रिपोर्ट में कहा गया कि प्योंगयांग के कदम को क्षेत्रीय संदेश के रूप में देखा जा रहा है और इसकी पृष्ठभूमि में अमेरिका, वेनेजुएला और सुरक्षा समीकरणों से जुड़ी चर्चा भी रही।

रिपोर्ट
राष्ट्रीय खबरें न्यूज़ डेस्क
प्रकाशित

उत्तर कोरिया ने 4 जनवरी 2026 को बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया। दक्षिण कोरिया की सेना के हवाले से बताया गया कि यह 2026 का प्योंगयांग का पहला मिसाइल लॉन्च था। समय और संदर्भ के कारण इस परीक्षण ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दीं, क्योंकि उसी दिन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जेइ म्यूंग एक प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के लिए रवाना हुए थे।

उत्तर कोरिया ने दागी बैलिस्टिक मिसाइलें, दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की चीन यात्रा से पहले बढ़ा तनाव
संबंधित चित्र

रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति की चीन यात्रा में कारोबारी और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लीडरों का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था। ऐसे में मिसाइल लॉन्च को केवल सैन्य परीक्षण भर नहीं, बल्कि कूटनीतिक और रणनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है। दक्षिण कोरिया के लिए चीन के साथ रिश्ते आर्थिक और सुरक्षा—दोनों स्तरों पर अहम हैं, और ठीक उसी समय उत्तर कोरिया का यह कदम तनाव बढ़ाने वाला माना गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उत्तर कोरिया ने इससे पहले 7 नवंबर 2025 को बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की थी। उसके बाद यह ताजा लॉन्च ऐसे दौर में आया जब क्षेत्र में सैन्य-सुरक्षा फैसलों और गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज थीं। विश्लेषकों के मुताबिक, प्योंगयांग अक्सर ऐसे समय पर परीक्षण करता है जब वह अंतरराष्ट्रीय ध्यान अपनी ओर खींचना चाहता है या किसी नीति/निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दर्ज कराना चाहता है।

खबर में यह संदर्भ भी आया कि दक्षिण कोरिया को न्यूक्लियर पावर्ड सबमरीन बनाने की मंजूरी जैसे फैसलों के बाद उत्तर कोरिया के रुख में सख्ती देखी गई। वहीं कुछ विश्लेषकों ने यह संभावना भी जताई कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की चर्चाओं ने भी उत्तर कोरिया के दृष्टिकोण को प्रभावित किया हो सकता है, क्योंकि उत्तर कोरिया को वेनेजुएला की मादुरो सरकार का सहयोगी बताया गया है।

इस घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि पूर्वोत्तर एशिया में सुरक्षा स्थिति कितनी तेजी से बदल सकती है। मिसाइल परीक्षणों के बाद आमतौर पर क्षेत्रीय देशों की निगरानी बढ़ती है, सैन्य सतर्कता का स्तर ऊपर जाता है और कूटनीतिक चैनलों पर भी दबाव पड़ता है। आने वाले दिनों में यह देखा जाएगा कि दक्षिण कोरिया, चीन, अमेरिका और अन्य साझेदार इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या तनाव को कम करने के लिए कोई संवाद आगे बढ़ता है।

अनुलग्नक A

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. DW हिंदीDW हिंदी