DW के मुताबिक वेनेजुएला और अमेरिका ने कूटनीतिक रिश्ते बहाल करने की दिशा में शुरुआती बातचीत शुरू की। एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल काराकस पहुंचा और दूतावास फिर से खोलने की संभावनाओं पर ‘प्रारंभिक जायजा’ लेने की बात कही गई।
AajTak के मुताबिक BCCI ने महिला प्रीमियर लीग 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। सीजन का पहला मैच मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होगा, और मुकाबले नवी मुंबई व वडोदरा में खेले जाएंगे।
झारखंड में नगर पालिका चुनावों की घोषणा के साथ 48 नगर पालिका क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हुई। नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक होंगे, मतदान 23 फरवरी और मतगणना 27 फरवरी 2026 को होगी।
एक रिपोर्ट के मुताबिक आधार ऐप का फुल वर्जन लॉन्च किया गया है, जिससे मोबाइल के जरिए पहचान सत्यापन और संबंधित कार्यों को अधिक सहज बनाने पर जोर है। यह अपडेट डिजिटल केवाईसी और नागरिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी को तेज कर सकता है।
आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर सिक्स चरण में भारत का पहला मैच 27 जनवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ बुलावायो में है। इसके बाद 1 फरवरी को बुलावायो में ही भारत-पाकिस्तान मुकाबला खेला जाएगा।
अमेरिका में कड़ाके की ठंड और शीतकालीन तूफान के कारण कई राज्यों में तापमान -20°C से नीचे जाने, उड़ानें रद्द होने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की खबर है। रिपोर्ट में कम से कम 29 मौतों का दावा किया गया है।
IMD के मुताबिक 27 जनवरी 2026 को पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान सहित कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटा तक तेज हवाओं की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट भी संभव है।
ठंड, बारिश और तेज हवा के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव से सर्दी-खांसी, अस्थमा/एलर्जी और वायरल संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। सावधानी, साफ-सफाई और समय पर इलाज से दिक्कतें कम की जा सकती हैं।
करीब दो दशक की बातचीत के बाद भारत और यूरोपीय संघ ने मुक्त व्यापार समझौता तय कर लिया है। दोनों पक्ष इसे आर्थिक के साथ-साथ रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने वाला कदम बता रहे हैं।
EU-India FTA को ‘ऐतिहासिक’ और ‘बहुत बड़े बाजार’ वाला करार बताया जा रहा है। अमेरिका-चीन निर्भरता घटाने के बीच व्यापार, ड्यूटी, और सेक्टर-वार फायदे-नुकसान पर नजरें हैं।
डीडब्ल्यू के अनुसार एक नए अध्ययन ने चेतावनी दी है कि प्लास्टिक के पूरे जीवन-चक्र (तेल-गैस से लेकर उत्पादन, ट्रांसपोर्ट, रीसाइक्लिंग और निपटान तक) से निकले उत्सर्जन मानव स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान को 2040 तक दोगुने से ज्यादा कर सकते हैं।