पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ (MMSY) के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को सालाना ₹10 लाख तक के कैशलेस उपचार कवरेज की घोषणा की है। रिपोर्ट के मुताबिक योजना का औपचारिक शुभारंभ मोहाली में कार्यक्रम के जरिए किया गया।
एक रिपोर्ट के मुताबिक कुल्लू-मनाली क्षेत्र में भारी भीड़ और बर्फबारी के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लगा और बड़ी संख्या में सड़कें बंद हुईं। ऐसी परिस्थितियों में हाइपोथर्मिया, डिहाइड्रेशन, थकान और दवाओं की उपलब्धता जैसी स्वास्थ्य-समस्याएं बढ़ सकती हैं।
एनडीटीवी हेल्थ के अनुसार 2026 को मेडिकल साइंस के लिए अहम मोड़ माना जा रहा है। रिपोर्ट में mRNA, AI-आधारित डायग्नोसिस और मोटापे की दवाओं के सस्ते होने जैसी संभावनाओं पर चर्चा की गई।
डीडब्ल्यू के विज्ञान शो ‘मंथन’ के एक एपिसोड में कोलोनोस्कोपी की भूमिका पर चर्चा हुई है। शो के अनुसार, कोलोनोस्कोपी की मदद से कोलोरेक्टल कैंसर के जोखिम को कम करने की कोशिश की जा रही है—जिसमें समय पर जांच और स्क्रीनिंग का महत्व प्रमुख है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक 2026 में कैंसर ट्रीटमेंट, mRNA तकनीक, लिक्विड बायोप्सी और AI-सपोर्टेड मेडिसिन में तेज बदलाव की उम्मीद है। मोटापे की दवाओं के सस्ते विकल्पों की संभावना पर भी चर्चा है।
26 जनवरी 2026 की रात के अपडेट के अनुसार नई दिल्ली का AQI 481 दर्ज किया गया, जो 'हैज़र्डस' श्रेणी में आता है। डेटा में PM2.5 और PM10 जैसे प्रमुख प्रदूषकों के स्तर ऊंचे बताए गए और स्वास्थ्य सलाह में जोखिम का संकेत दिया गया।
एयर क्वालिटी अपडेट के मुताबिक 26 जनवरी 2026 को दिल्ली का AQI 254 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। NCR के कई शहरों में भी प्रदूषण स्तर ऊंचा दर्ज किया गया, जिससे संवेदनशील लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
AajTak के ‘News Flash’ अपडेट में UAE के बयान का उल्लेख है कि ईरान के खिलाफ किसी सैन्य हमले के लिए उसके एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। साथ ही क्षेत्र में तनाव को लेकर अन्य अपडेट्स भी सामने आए।
महिलाओं पर घर के काम और देखभाल की जिम्मेदारियों का असमान बोझ उनकी शारीरिक और मानसिक सेहत पर असर डाल रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार लगातार दबाव, समय की कमी और ‘रिकवरी’ न मिलने से तनाव, थकान और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम बढ़ते हैं.
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में मोहल्ला क्लीनिक बंद होने की स्थिति में कई कर्मचारियों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि कई नियुक्तियां 2026 तक कॉन्ट्रैक्ट पर हैं और कर्मचारियों ने स्वास्थ्य बीमा व मातृत्व लाभ जैसी सुविधाओं की कमी की भी बात कही है.