सेंसेक्स-निफ्टी में तेजी के बीच भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली की खबर आई। रिपोर्ट के मुताबिक 2026 के शुरुआती दो कारोबारी दिनों में एफपीआई ने हजारों करोड़ रुपये निकाले।
कई राज्यों में जनवरी के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं को लेकर असमंजस बढ़ा है। छुट्टियों के चलते पहले से बंद रहने वाले बैंकों पर यदि 27 जनवरी 2026 को यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल भी प्रभावी होती है, तो कुछ जगह लगातार कई दिनों तक शाखा-सेवाओं पर असर पड़ सकता है। यूनियनें 5-दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर आंदोलन कर रही हैं।
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक स्विट्जरलैंड के दावोस में WEF 2026 की शुरुआत हो चुकी है, जहां 130 देशों के हजारों प्रतिनिधि जुट रहे हैं। एजेंडा में जियोपॉलिटिक्स, ग्रोथ, टेक्नोलॉजी और पर्यावरण जैसे मुद्दे प्रमुख हैं।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने 2026 के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर जारी किया है। सूची के मुताबिक, 2026 में सप्ताहांत के अलावा 15 कार्यदिवस ऐसे होंगे जब बाजार बंद रहेगा।
NDTV के अनुसार डेलॉयट इंडिया की रिपोर्ट में अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की GDP 7.5% से 7.8% तक बढ़ सकती है. रिपोर्ट में त्योहारों के दौरान मांग और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों को प्रमुख कारण बताया गया है, जबकि अगले वर्ष वृद्धि दर कुछ नरम होने का संकेत भी है.
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) ने कंपनियों के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से संबंधित वित्तीय विवरण और वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 31 जनवरी 2026 कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, MCA पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया और तय समय में फाइलिंग करने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2026 की शुरुआत में भारतीय शेयर बाजारों में चौड़ाई कमजोर रही और Nifty 500 के लगभग 70% स्टॉक्स निगेटिव रिटर्न में रहे। रिपोर्ट में FII बिकवाली, वैश्विक अनिश्चितता और नीति/टैरिफ से जुड़ी चिंताओं का जिक्र है।
शेयर बाजार में एक सत्र में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर धारणा के कारण सेंसेक्स-निफ्टी सहित कई इंडेक्स लाल निशान में रहे, जिससे निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई।
23 जनवरी 2026 को घरेलू शेयर बाजार में दोपहर बाद बड़ी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स में तेज गिरावट और निफ्टी के 25,100 के नीचे जाने का जिक्र है, जबकि अडानी ग्रुप के कुछ शेयरों में दो अंकों तक गिरावट की बात कही गई है।