मनीकंट्रोल हिंदी के अनुसार भारत और चार देशों वाले यूरोपीय समूह EFTA ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति जताई। बयान के मुताबिक EFTA देशों ने 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता बताई।
DW/Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज रूसी तेल की आपूर्ति घटने के बाद वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी सरकार से अनुमति हासिल करने की कोशिश कर रही है।
नवभारत टाइम्स के मुताबिक भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से अटकी एफटीए वार्ता पूरी हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 27 जनवरी को औपचारिक घोषणा की संभावना है। इसे टैरिफ, निवेश और आर्थिक साझेदारी के लिहाज से बड़े मील के पत्थर के तौर पर देखा जा रहा है।
26 जनवरी 2026 की खबरों में सोने की कीमतों में तेज उछाल का जिक्र रहा। रिपोर्ट के अनुसार एशियाई कारोबार की शुरुआत में हाजिर सोना 1.79% बढ़कर 5,071.96 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचा और वर्ष की शुरुआत से अब तक इसमें करीब 17% की बढ़त बताई गई।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने की खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक 27 जनवरी को औपचारिक घोषणा हो सकती है, जबकि लागू होने से पहले कानूनी जांच और मंजूरियां जरूरी होंगी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत पहली बार 5000 डॉलर प्रति औंस के पार चली गई। रिपोर्ट के अनुसार एशियाई कारोबार में हाजिर सोना 5,071.96 डॉलर तक पहुंचा और कुछ देर में 5,085.50 डॉलर का स्तर भी देखा गया; चांदी में भी जोरदार तेजी दर्ज हुई।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार बजट से पहले बाजार में उतार-चढ़ाव रहा। जनवरी में सेंसेक्स के करीब 4% टूटने और रुपये के 92 के पार जाने का उल्लेख है, वहीं निवेशकों की नजर अब आगे के संकेतों पर है।
रूसी कच्चे तेल के आयात पर बढ़ते दबाव के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज वेनेजुएला से तेल खरीद फिर शुरू करने के लिए अमेरिकी मंजूरी चाह रही है. सूत्रों के मुताबिक कंपनी के प्रतिनिधि अमेरिकी विदेश और वित्त मंत्रालय से चर्चा कर रहे हैं.
शेयर बाजार के टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों के साप्ताहिक प्रदर्शन में 9 को नुकसान झेलना पड़ा, जबकि एक कंपनी ने पांच कारोबारी दिनों में निवेशकों के लिए ₹12,000 करोड़ से ज्यादा वैल्यू जोड़ दी।
डीडब्ल्यू की रिपोर्ट (रॉयटर्स के हवाले से) बताती है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज रूसी तेल की आपूर्ति घटने के बाद वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदने के लिए अमेरिकी अनुमति/लाइसेंस पर बातचीत कर सकती है. भारत पर रूसी तेल आयात रोकने का दबाव बढ़ने से विकल्पों की तलाश तेज हुई है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के तीन साल पूरे होने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 1 जनवरी 2026 से ऑस्ट्रेलिया में भारतीय वस्तुओं के लिए बाजार पूरी तरह शुल्क मुक्त हो जाएगा। इसे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत और अवसर के तौर पर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर 2025 में भारत का निर्यात 1.87% बढ़कर 38.5 अरब डॉलर हुआ, जबकि आयात 8.7% बढ़ा। इससे व्यापार घाटा 25 अरब डॉलर से अधिक रहा। वैश्विक अनिश्चितता के बीच आयात-निर्यात के इस रुझान पर बाजार और नीति-निर्माताओं की नजर है।